हॉलमार्क क्या है? सोने की ज्वैलरी पर कैसे करें इसकी पहचान? 2022

हॉलमार्क क्या है?

क्या आप जानते हैं कि हॉलमार्क क्या है? और सोने की ज्वैलरी पर यह क्यों अंकित होता है? कौन सा नंबर कितने कैरेट को दर्शाता है, और कौन सा नंबर यह बताया है कि ज्वेलरी में कितना प्रतिशत सोना है 


केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए सोने की ज्वैलरी पर हॉलमार्किंग के नियमों को 15 जून 2021 से भारत मे भी अनिवार्य कर दिया है। दरअसल, यह नियम लागू होते ही देश में सिर्फ हॉलमार्क वाले सोने के आभूषण ओर ज्वैलरी ही बिकेगी ।

क्या है हॉलमार्किंग?

हॉलमार्क सोने की शुद्धता का पैमाना होता है. इसके तहत हर गोल्ड ज्वैलरी पर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) अपने मार्क के द्वारा शुद्धता की गारंटी देता है.ऐसे में अगर आप सोना खरीदना चाह रहे हैं तो आज आपको देश-भर मे हर जगह आपको हॉलमार्क का ही सोना मिलेगा सरकार की ओर से जारी एक आदेश के मुताबिक सभी ज्‍वेलर्स को सोने के गहने या कलाकृति बेचने के लिए बीआईएस स्‍टैंडर्ड के मानकों को पूरा करना होगा ये मानक 14 कैरेट, 18 कैरेट और 22 कैरेट शुद्धता के साथ होंगे हॉलमार्क सोने की खासियत यह है कि उस पर लिखा होता है कि यह सोना कितने कैरेट का है इसके अलावा ज्वैलरी पर यह भी दर्ज किया जाता है कि ज्वेलरी में कितना प्रतिशत सोना है आज हम आपको बताएंगे कि सोने की पहचान कैसे करें

कैसे करें सोनी की पहचान?

हर कैरेट के सोने के लिए हॉलमार्क नंबर अंकित किए जाते हैं ज्वेलर्स की ओर से 14 कैरेट के लिए 585 नंबर का इस्तेमाल किया जाता है तो वहीं 18 कैरेट के लिए 750 नंबर का इस्तेमाल करते हैं जबकि 22 कैरेट के लिए 916 नंबर का उपयोग किया जाता है इसके द्वारा इसका स​ही आंकड़ा मिल जाता है कि किसी ज्वैलरी में कीमती धातु (जैसे सोने) का कितना हिस्सा है और इसकी आधिकारिक मुहर होती है एक तरह से यह कहा जा सकता है कि यह हॉलमार्किंग सरकार द्वारा दी गई सोने की शुद्धता की गारंटी होती है


ज्वेलरी में कितना प्रतिशत सोना है ऐसे लगाएं पता

हॉलमार्क में दिए गए नंबर से आप पता लगा सकते है कि किस ज्वेलरी को बनाने मे कितना प्रतिशत सोना इस्तेमाल हुआ है. अगर ज्वेलरी पर 916 नंबर अंकित है तो वह 91.6 % शुद्ध सोना है. वहीं अगर 750 नंबर दिख रहा है तो 75 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है.

अगर किसी ज्वेलरी पर 585 लिखा है उसका मतलब हुआ कि ज्वेलरी बनाने में 58.5  प्रतिशत सोने का इस्तेमाल किया गया है. वहीं 375  लिखे होने पर ज्वेलरी में 37.5 % सोना होता है. बाकी के बचे प्रतिशत ज्वेलरी बनाने के दौरान अन्य धातुओं का इस्तेमाल किया जाता है.

Note – हर ज्वैलरी पर एक विजिबल आइडेंटिफिकेशन मार्क (VIM) होता है जिसे ज्वैलर कोड कहते है जिससे किस ज्वैलर के यहां ज्वेलरी बनवाई गई है, उसका पता लगाया जा सकता है ।

स्टोरी: जयेश कुशवाह 

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